राष्ट्रीय मत्स्य आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की स्थापना 1983 में की गर्इ थी तथा यह भारत के जलीय जैव-संसाधनों का सूचीबद्धकरण और संरक्षण करने की दिषा में उत्कृष्टता के केन्द्र के रूप में उभरा है। ब्यूरो ने डाटाबेस के विकास, जीनों के वर्गीकरण, जलीय जनन-द्रव्य के पंजीकरण, जीनबैंकिंग और संकटापन्न एवं आकर्षक मत्स्य किस्मों के विकास से संबंधित अपने अधिदेश की प्रापित के लिए आधुनिक सुविधाएं, बहुआयामी कार्यनीतियां और प्रौधोगिकियां विकसित की हैं। अधिक पढ़ें .........
दृष्टिकोण:
बौद्धिक संपदा संरक्षण, धारणीय उपयोग तथा समृद्धि हासिल करने के लिए मत्स्य आनुवांषिक संसाधनों का मूल्यांकन और संरक्षण।
लक्ष्य:
सहभागिता की प्रचालनात्मक कार्यनीतियों तथा अत्याधुनिक प्रौधोगिकियों का प्रयोग करते हुए मत्स्य आनुवांशिक संसाधनों का संग्रहण, सूचीबद्धकरण और प्रलेखन
अधिदेश:
u देश के मत्स्य आनुवांशिक संसाधनों का संग्रहण, वर्गीकरण और सूचीबद्धीकरण कर
u संकटापन्न मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए मत्स्य आनुवांषिक सामग्री का अनुरक्षण औरl.
u संकटापन्न मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए मत्स्य आनुवांशिक सामग्री का अनुरक्षण और परिरक्षण
 

 

 

 

 

 

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